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डॉ. निशांत गुप्ताकान, नाक, गला विशेषज्ञ एवं सर्जनकॉल करें

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Throat & tonsils

टॉन्सिल का इलाज और ऑपरेशन (Tonsillectomy) मथुरा में —
ऑपरेशन सिर्फ़ तब, जब सच में ज़रूरी हो

बार-बार गला ख़राब, बुख़ार, निगलने में दर्द या खर्राटे — पहले जाँच, फिर दवा या ऑपरेशन का फ़ैसला।

सामान्य टॉन्सिल, सूजे हुए टॉन्सिल और गले की सूजन की तुलना

बाएँ सामान्य टॉन्सिल, बीच में सूजे हुए टॉन्सिल, दाएँ गले की सूजन।

टॉन्सिल गले के दोनों तरफ़ की गाँठें हैं, जो बचपन में इन्फ़ेक्शन से लड़ने में मदद करती हैं। जब ये ख़ुद बार-बार इन्फ़ेक्शन की जगह बन जाएँ, तब तकलीफ़ शुरू होती है।

  • 1गले में दर्द और निगलने में तकलीफ़साथ में बुख़ार और गले की गिल्टियाँ सूजना।
  • 2टॉन्सिल पर सफ़ेद दानेया मुँह से लगातार बदबू आना।
  • 3बच्चों में खर्राटेमुँह खोलकर सोना, नींद में बेचैनी।

ऑपरेशन कब ज़रूरी होता है

हर बार गला ख़राब होने पर ऑपरेशन नहीं होता — ज़्यादातर बार दवा से आराम मिल जाता है। ऑपरेशन तब सोचा जाता है जब:

  • 1साल में कई बार गला ख़राब होजैसे साल में 5–7 बार, हर बार एंटीबायोटिक लेनी पड़े और स्कूल या काम छूटे।
  • 2टॉन्सिल इतने बड़े हों कि साँस अटकेरात में खर्राटे आएँ या नींद में साँस रुके।
  • 3टॉन्सिल के पास मवाद बनेयह (Quinsy) एक से ज़्यादा बार हो चुका हो।
  • 4निगलने में लगातार दिक़्क़तया ऐसी बदबू जो दवा से न जाए।
जहाँ दवा से काम बन सकता है, वहाँ दवा ही दी जाती है। बच्चों में बिना ज़रूरत टॉन्सिल कभी नहीं निकाले जाते।

ऑपरेशन के बाद रिकवरी

  • 1गले में दर्द 7–10 दिनदवा से संभल जाता है। यह धीरे-धीरे कम होता है।
  • 2ठंडा और नरम खानादही, खिचड़ी, दलिया। बहुत गर्म, तीखा या कड़ा खाना कुछ दिन नहीं। पानी ख़ूब पिएँ।
  • 3स्कूल और कामबच्चे आमतौर पर लगभग एक हफ़्ते में स्कूल जाने लगते हैं; बड़ों को 10–14 दिन लगते हैं।
ऑपरेशन के बाद दो हफ़्ते तक मुँह या नाक से ख़ून आए — चाहे थोड़ा-सा ही — तो तुरंत हॉस्पिटल आएँ या फ़ोन करें।
डॉ. निशांत गुप्ता
About the doctor

डॉ. निशांत गुप्ता — ENT सर्जन, मथुरा

एम.बी.बी.एस., एम.एस. (ई.एन.टी.) · फ़ेलोशिप — दूरबीन से कान की सर्जरी, श्रॉफ ई.एन.टी. हॉस्पिटल, बिलासपुर। मां सरस्वती हॉस्पिटल में ओ.पी.डी., सुनने की जाँच और ऑपरेशन थिएटर — सब एक ही छत के नीचे।

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Common questions

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या टॉन्सिल निकालने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है?

नहीं, इस पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ता — शरीर में ऐसे और भी हिस्से हैं जो यही काम करते हैं। उल्टा, जिन बच्चों के टॉन्सिल बार-बार ख़राब होते थे, उनमें ऑपरेशन के बाद गला ख़राब होना अक्सर काफ़ी कम हो जाता है।

किस उम्र में ऑपरेशन हो सकता है?

उम्र से ज़्यादा ज़रूरी है वजह। साँस अटकने जैसी तकलीफ़ में छोटे बच्चों का भी ऑपरेशन किया जाता है। बार-बार इन्फ़ेक्शन में पहले कुछ समय देखा जाता है, क्योंकि उम्र के साथ कई बच्चों में अपने आप सुधार आ जाता है।

क्या टॉन्सिल के साथ एडेनॉइड भी निकाले जाते हैं?

बच्चों में अगर नाक बंद रहती है, खर्राटे आते हैं या कान में पानी भरता है, तो एडेनॉइड भी उसी ऑपरेशन में निकाले जा सकते हैं। यह जाँच से तय होता है।

ऑपरेशन का ख़र्च कितना आएगा? आयुष्मान कार्ड या बीमा चलेगा?

ख़र्च इस पर निर्भर करता है कि कौन-सा ऑपरेशन है और आप कौन-सा कमरा लेते हैं। जाँच के बाद पूरा ख़र्च लिखकर बता दिया जाता है — सर्जन की फ़ीस, बेहोशी, ओ.टी. और भर्ती सब शामिल, ताकि बाद में कोई हैरानी न हो। बीमा या आयुष्मान कार्ड हो तो वह भी पहले ही देख लिया जाता है।

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