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Childrenमथुरा में बच्चों के ENT डॉक्टर —
कान, एडेनॉइड, टॉन्सिल और सुनने की जाँच
बच्चा कभी नहीं बताता कि उसे कम सुनाई देता है। खर्राटे, मुँह खोलकर सोना, बोलने में देरी या बार-बार कान दर्द — ये संकेत पहचानिए।

एडेनॉइड बढ़ जाए तो नाक बंद रहती है और कान के पर्दे के पीछे पानी भर जाता है।
बच्चा बोलना तब सीखता है जब वह सुनता है। नाक, कान और गले की कई तकलीफ़ें बच्चों में चुपचाप सुनने और बोलने पर असर डालती हैं।
- 1एडेनॉइड बढ़नानाक बंद, मुँह से साँस, खर्राटे, नाक से बोलना।
- 2कान के पर्दे के पीछे पानीबिना दर्द के सुनाई कम — बच्चा “ध्यान नहीं देता” जैसा लगता है।
- 3कान में दर्द और बुख़ारज़ुकाम के बाद रात में रोना, बार-बार कान पकड़ना।
- 4टॉन्सिलबार-बार गला ख़राब और बुख़ार। टॉन्सिल के बारे में पढ़ें →
सुनने की जाँच कब करवाएँ
- 1बुलाने पर जवाब न देनाया टीवी बहुत पास बैठकर, बहुत तेज़ आवाज़ में देखना।
- 2बोलने में देरीदो साल तक दो शब्द जोड़कर न बोले तो सुनने की जाँच ज़रूर करा लें।
- 3स्कूल में पीछे रहनाटीचर की बात न समझना या क्लास में ध्यान न लगना।
इलाज — ज़्यादातर बच्चों में दवा से ही आराम
ज़्यादातर बच्चों में पहले दवा और कुछ हफ़्ते की निगरानी से आराम मिल जाता है। ऑपरेशन तभी, जब तकलीफ़ लंबी चले या सुनने, साँस या नींद पर असर पड़े:
- 1एडेनॉइड का ऑपरेशन (Adenoidectomy)मुँह के रास्ते से होता है — बाहर कोई चीरा नहीं।
- 2कान में छोटी नली (Grommet)पर्दे के पीछे का पानी निकालने के लिए, कान के रास्ते से। नली आमतौर पर कुछ महीनों बाद अपने आप निकल जाती है।
- 3टॉन्सिल का ऑपरेशनसिर्फ़ तब, जब सच में ज़रूरी हो। ज़रूरत हो तो एडेनॉइड उसी ऑपरेशन में निकल जाते हैं।
घर पर ध्यान रखें
- 1कान या नाक में कुछ फँस जाएदाना, मोती या बटन — घर पर निकालने की कोशिश न करें, इससे वह और अंदर चला जाता है। बटन वाली बैटरी हो तो तुरंत दिखाएँ।
- 2लेटाकर बोतल से दूध न पिलाएँइससे दूध कान की नली की तरफ़ जाता है और कान के इन्फ़ेक्शन का ख़तरा बढ़ता है।
- 3कान में तेल न डालेंबच्चे के कान में दर्द हो तो पहले जाँच करवाएँ।

डॉ. निशांत गुप्ता — ENT सर्जन, मथुरा
एम.बी.बी.एस., एम.एस. (ई.एन.टी.) · फ़ेलोशिप — दूरबीन से कान की सर्जरी, श्रॉफ ई.एन.टी. हॉस्पिटल, बिलासपुर। मां सरस्वती हॉस्पिटल में ओ.पी.डी., सुनने की जाँच और ऑपरेशन थिएटर — सब एक ही छत के नीचे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या एडेनॉइड उम्र के साथ अपने आप छोटे हो जाते हैं?
हाँ, आमतौर पर 7–8 साल की उम्र के बाद एडेनॉइड छोटे होने लगते हैं। लेकिन अगर उससे पहले नींद, सुनने या बोलने पर असर पड़ रहा है, तो इंतज़ार करना ठीक नहीं।
बच्चा रोज़ खर्राटे लेता है — क्या यह चिंता की बात है?
ज़ुकाम में कभी-कभार खर्राटे आम हैं। लेकिन रोज़ खर्राटे, नींद में साँस रुकना, दिन में चिड़चिड़ापन या पढ़ाई में ध्यान न लगना — इनमें जाँच ज़रूरी है।
बच्चे के ऑपरेशन में बेहोशी का क्या?
बेहोशी बेहोशी के डॉक्टर (Anaesthetist) देते हैं, और ऑपरेशन से पहले बच्चे की पूरी जाँच की जाती है। ये ऑपरेशन छोटे होते हैं और बच्चे आमतौर पर जल्दी खेलने-कूदने लगते हैं।
ऑपरेशन का ख़र्च कितना आएगा? आयुष्मान कार्ड या बीमा चलेगा?
ख़र्च इस पर निर्भर करता है कि कौन-सा ऑपरेशन है और आप कौन-सा कमरा लेते हैं। जाँच के बाद पूरा ख़र्च लिखकर बता दिया जाता है — सर्जन की फ़ीस, बेहोशी, ओ.टी. और भर्ती सब शामिल, ताकि बाद में कोई हैरानी न हो। बीमा या आयुष्मान कार्ड हो तो वह भी पहले ही देख लिया जाता है।
अपॉइंटमेंट और पता
और तकलीफ़ों के बारे में पढ़ें
कान के पर्दे का ऑपरेशन
कान बहना, पर्दे में छेद — दूरबीन से, बिना चीरा।
टॉन्सिल का इलाज
बार-बार गला ख़राब, बुख़ार, खर्राटे — दवा या ऑपरेशन।
कम सुनाई देना
सुनने की जाँच, कान में सीटी, हियरिंग मशीन की सलाह।
नाक की हड्डी और साइनस
नाक बंद, टेढ़ी हड्डी, साइनस — दूरबीन से जाँच और इलाज।
चक्कर (Vertigo) का इलाज
करवट बदलते ही सिर घूमना — कान की जाँच और इलाज।