होम › कान के पर्दे का ऑपरेशन
Endoscopic Ear Surgeryकान के पर्दे का ऑपरेशन (Tympanoplasty) मथुरा में —
दूरबीन से, बिना चीरा, बिना टाँके
कान बहना, पर्दे में छेद और कम सुनाई देने का इलाज। ऑपरेशन कान के अपने रास्ते से होता है — कान के पीछे कोई चीरा नहीं, और ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन घर।

पर्दे या तीन छोटी हड्डियों की ख़राबी ऑपरेशन से ठीक होती है।
कान का पर्दा आवाज़ को अंदर की तीन छोटी हड्डियों तक पहुँचाता है। पर्दे में छेद हो जाए तो कान बार-बार बहता है, इन्फ़ेक्शन अंदर तक पहुँचता है और सुनाई कम होने लगता है।
- 1कान बार-बार बहनाज़ुकाम होने पर या नहाते समय पानी जाने के बाद।
- 2कम सुनाई देनाउस कान से फ़ोन पर बात करने में दिक़्क़त।
- 3कान में भारीपन या सीटीकान बंद-बंद सा लगना।
क्या पर्दा दवा से जुड़ सकता है?
चोट या हाल के इन्फ़ेक्शन से हुआ छोटा छेद कई बार कुछ हफ़्तों में अपने आप भर जाता है। लेकिन जो छेद सालों पुराना है और जिससे बार-बार कान बहता है, वह दवा से नहीं भरता — दवा से सिर्फ़ बहना कुछ समय के लिए रुकता है। छेद बंद करने का पक्का तरीक़ा ऑपरेशन है। जाँच में यह पहली बार में ही पता चल जाता है।
दूरबीन से ऑपरेशन कैसे होता है
- 1जाँचदूरबीन से कान देखना और सुनने की जाँच (PTA) — ताकि पता चले कि कमी कितनी है और कहाँ है।
- 2कान सूखा करनाबहते कान को पहले दवा से सुखाया जाता है। आमतौर पर ऑपरेशन सूखे कान में ही किया जाता है।
- 3ऑपरेशनपतली दूरबीन कान के अपने रास्ते से अंदर जाती है और आपकी अपनी झिल्ली से पर्दे का छेद बंद किया जाता है। कान के पीछे कोई चीरा नहीं, न बाल कटते हैं, न पट्टी बँधती है।
- 4छुट्टीज़्यादातर मरीज़ उसी दिन घर चले जाते हैं। शुगर, बीपी या दिल की तकलीफ़ हो तो सुरक्षा के लिए एक रात रुकने की सलाह दी जा सकती है।
ऑपरेशन के बाद क्या करें
- 1कान में पानी न जाने देंकुछ हफ़्ते नहाते समय कान को बताए गए तरीक़े से ढककर रखें।
- 2ज़ोर से नाक न छिनकेंछींक आए तो मुँह खोलकर छींकें। भारी वज़न उठाना और तैरना कुछ हफ़्ते मना।
- 3काम पर वापसीदुकान या दफ़्तर का काम आमतौर पर एक हफ़्ते में शुरू हो जाता है।
- 4सुनने की दोबारा जाँचसुनने में कितना सुधार हुआ, यह लगभग तीन महीने बाद की जाँच में नापकर दिखाया जाता है।

डॉ. निशांत गुप्ता — ENT सर्जन, मथुरा
एम.बी.बी.एस., एम.एस. (ई.एन.टी.) · फ़ेलोशिप — दूरबीन से कान की सर्जरी, श्रॉफ ई.एन.टी. हॉस्पिटल, बिलासपुर। मां सरस्वती हॉस्पिटल में ओ.पी.डी., सुनने की जाँच और ऑपरेशन थिएटर — सब एक ही छत के नीचे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कान के पीछे निशान पड़ेगा?
नहीं। कान के पीछे वाला बड़ा चीरा, जो पुराने तरीक़े में निशान छोड़ता था, इसमें लगता ही नहीं। अगर झिल्ली कान के आगे से लेनी पड़े तो वहाँ कुछ मिलीमीटर का कट लगता है, जो कान की बनावट में छिप जाता है।
क्या मेरी सुनने की शक्ति वापस आ जाएगी?
अगर कमी की वजह पर्दे का छेद या सुनने की हड्डियों की ख़राबी है, तो ऑपरेशन से सुनने में साफ़ सुधार होता है। अगर ख़राबी भीतरी कान या नस में है, तो ऑपरेशन से वह वापस नहीं आती; उसके लिए मशीन चाहिए। सुनने की जाँच की रिपोर्ट से यह पहले ही साफ़ हो जाता है।
क्या रात अस्पताल में रुकना पड़ेगा?
आमतौर पर नहीं। सुबह भर्ती, ऑपरेशन, कुछ घंटे निगरानी और उसी शाम छुट्टी। शुगर, बीपी या दिल की कोई तकलीफ़ हो तो एक रात रुकने की सलाह दी जा सकती है।
ऑपरेशन का ख़र्च कितना आएगा? आयुष्मान कार्ड या बीमा चलेगा?
ख़र्च इस पर निर्भर करता है कि कौन-सा ऑपरेशन है और आप कौन-सा कमरा लेते हैं। जाँच के बाद पूरा ख़र्च लिखकर बता दिया जाता है — सर्जन की फ़ीस, बेहोशी, ओ.टी. और भर्ती सब शामिल, ताकि बाद में कोई हैरानी न हो। बीमा या आयुष्मान कार्ड हो तो वह भी पहले ही देख लिया जाता है।
अपॉइंटमेंट और पता
और तकलीफ़ों के बारे में पढ़ें
टॉन्सिल का इलाज
बार-बार गला ख़राब, बुख़ार, खर्राटे — दवा या ऑपरेशन।
कम सुनाई देना
सुनने की जाँच, कान में सीटी, हियरिंग मशीन की सलाह।
नाक की हड्डी और साइनस
नाक बंद, टेढ़ी हड्डी, साइनस — दूरबीन से जाँच और इलाज।
चक्कर (Vertigo) का इलाज
करवट बदलते ही सिर घूमना — कान की जाँच और इलाज।
बच्चों का ENT इलाज
एडेनॉइड, कान में पानी, बोलने में देरी, सुनने की जाँच।