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Hearing loss

कम सुनाई देना —
सुनने की जाँच (Audiometry) और सही इलाज, मथुरा में

पहले पता चलता है कि कमी कहाँ है — पर्दे और हड्डी की (ऑपरेशन से ठीक) या भीतरी कान की (मशीन से मदद)।

कान की बनावट — बाहरी कान, कान का पर्दा, तीन हड्डियाँ और कोक्लिया

आवाज़ पर्दे और तीन हड्डियों से होती हुई भीतरी कान (कोक्लिया) तक पहुँचती है।

कान आवाज़ पकड़ता है, समझता दिमाग़ है। सालों तक साफ़ आवाज़ न पहुँचे तो दिमाग़ शब्द पहचानना धीरे-धीरे भूलने लगता है — इसीलिए जाँच जितनी जल्दी हो, उतना अच्छा।

  • 1टीवी या फ़ोन की आवाज़ तेज़ रखनाघरवाले टोकने लगें कि आवाज़ बहुत ऊँची है।
  • 2बार-बार “क्या?” पूछनाभीड़ में या शोर में बात समझ न आना।
  • 3कान में सीटी या भनभनाहटख़ासकर रात में, शांत कमरे में।

सुनने की जाँच — बिना दर्द, कुछ ही मिनट

शांत कमरे में हेडफ़ोन लगाकर अलग-अलग आवाज़ें सुनाई जाती हैं (Pure Tone Audiometry)। रिपोर्ट से साफ़ होता है कि कमी कितनी है, किस कान में है, और किस हिस्से की वजह से है:

पर्दा या हड्डी की ख़राबीऑपरेशन से सुनने में साफ़ सुधार हो सकता है। कान के पर्दे के ऑपरेशन के बारे में पढ़ें →
भीतरी कान या नस की कमज़ोरीयह ऑपरेशन से वापस नहीं आती — सही नाप की हियरिंग मशीन से रोज़ की बातचीत आसानी से समझ आने लगती है।
अचानक एक कान से सुनाई देना बंद हो जाए — तो उसी दिन, या ज़्यादा से ज़्यादा 2–3 दिन के अंदर ENT डॉक्टर को दिखाएँ। जल्दी इलाज शुरू हो तो सुनाई लौटने की संभावना कहीं ज़्यादा रहती है।

हियरिंग मशीन के बारे में सच

  • 1मशीन कान ख़राब नहीं करतीयह सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है। सही नाप की मशीन कान को नुक़सान नहीं पहुँचाती।
  • 2जितनी जल्दी, उतना फ़ायदादेर से लगाने पर लोग कहते हैं — “आवाज़ तो आती है, पर बात समझ नहीं आती।”
  • 3पहले जाँच, फिर मशीनअंदाज़े से ली गई मशीन अक्सर ठीक काम नहीं करती; जाँच की रिपोर्ट के हिसाब से चुनें।

घर पर ये न करें

  • 1कान में तेल या ड्रॉपबिना जाँच के न डालें — पर्दे में छेद हो तो इससे नुक़सान हो सकता है।
  • 2ईयरबड, तीली, चाबी या पिनइनसे मैल और अंदर चला जाता है और पर्दा फट सकता है। मैल ज़्यादा हो तो क्लिनिक में साफ़ करवाएँ।
  • 3बहुत तेज़ आवाज़ईयरफ़ोन पर तेज़ गाने या DJ के पास देर तक रहना भीतरी कान को स्थायी नुक़सान पहुँचा सकता है।
डॉ. निशांत गुप्ता
About the doctor

डॉ. निशांत गुप्ता — ENT सर्जन, मथुरा

एम.बी.बी.एस., एम.एस. (ई.एन.टी.) · फ़ेलोशिप — दूरबीन से कान की सर्जरी, श्रॉफ ई.एन.टी. हॉस्पिटल, बिलासपुर। मां सरस्वती हॉस्पिटल में ओ.पी.डी., सुनने की जाँच और ऑपरेशन थिएटर — सब एक ही छत के नीचे।

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Common questions

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या उम्र के साथ कम हुआ सुनना ठीक हो सकता है?

उम्र से आई कमी भीतरी कान की होती है, जो दवा या ऑपरेशन से वापस नहीं आती। लेकिन सही मशीन से रोज़ की बातचीत आसानी से समझ आने लगती है और घर-परिवार से बात करना फिर से सहज हो जाता है।

क्या हियरिंग मशीन लगाने से कान और ख़राब हो जाता है?

नहीं। सही नाप की मशीन कान को नुक़सान नहीं पहुँचाती। उल्टा, मशीन न लगाने से दिमाग़ तक आवाज़ पहुँचनी बंद हो जाती है और शब्द पहचानने की ताक़त कम होती जाती है।

कान में सीटी बजने का क्या इलाज है?

सीटी (Tinnitus) अक्सर सुनने की कमी के साथ आती है। पहले सुनने की जाँच से वजह देखी जाती है। कई लोगों में कमी का इलाज होने या मशीन लगने पर सीटी भी कम महसूस होने लगती है।

जाँच के लिए क्या साथ लाऊँ?

पुरानी सुनने की रिपोर्ट, कान का कोई पुराना ऑपरेशन हुआ हो तो उसके काग़ज़, और चल रही दवाइयों की सूची। कुछ भी न हो तो भी बेझिझक आइए — जाँच क्लिनिक में ही हो जाती है।

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